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जन्म से जुड़े सभी प्रश्न(14)

जन्म पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 14 प्रश्न उपलब्ध हैं।

दिव्यास्त्र

वासवी शक्ति का जन्म कैसे हुआ?

कर्ण के अभूतपूर्व त्याग से प्रभावित और लज्जित होकर इंद्र ने वासवी शक्ति दी। यह इंद्र के छल की भरपाई के रूप में दिया गया अस्त्र था।

#वासवी शक्ति#जन्म#कर्ण
लोक

भारतवर्ष में जन्म हजारों जन्मों के पुण्यों का फल क्यों माना गया है?

गरुड़ पुराण के अनुसार चौरासी लाख योनियों के बाद भारत में मानव जन्म मिलता है। देवता भी यहाँ जन्म चाहते हैं क्योंकि केवल यहीं मोक्ष संभव है।

#भारतवर्ष#जन्म#हजारों पुण्य
लोक

देवता भारत में जन्म लेने की इच्छा क्यों करते हैं?

देवता स्वर्ग में भी भारत में जन्म लेना चाहते हैं क्योंकि केवल यहाँ मोक्ष संभव है। विष्णु पुराण में 'गायन्ति देवाः' श्लोक में यही कहा गया है।

#देवता#भारतवर्ष#जन्म
दिव्यास्त्र

वृत्रासुर का जन्म कैसे हुआ?

इंद्र द्वारा विश्वरूप के वध के बाद उनके पिता त्वष्टा ने प्रतिशोध के लिए महायज्ञ किया। उस यज्ञ की अग्नि से वृत्रासुर का जन्म हुआ।

#वृत्रासुर#जन्म#त्वष्टा
दिव्यास्त्र

गरुड़ का जन्म कैसे हुआ?

गरुड़ का जन्म विनता के दूसरे अंडे से हुआ। उनका तेज इतना प्रखर था कि देवता भी भयभीत हो गए। वे नाग सौतेले भाइयों के बीच दास के रूप में बड़े हुए।

#गरुड़#जन्म#विनता
श्रीमद्भागवत

गोकर्ण कैसे जन्मे?

धुंधुली द्वारा संन्यासी का फल गाय को खिलाने के तीन महीने बाद गाय से मनुष्याकार दिव्य बालक उत्पन्न हुआ; वही गोकर्ण थे।

#गोकर्ण#जन्म#गाय
श्रीमद्भागवत

धुंधुकारी कैसे जन्मा?

धुंधुकारी धुंधुली का वास्तविक पुत्र नहीं था; धुंधुली की बहन ने अपना जन्मा बालक गुप्त रूप से उसे दे दिया।

#धुंधुकारी#धुंधुली#जन्म
लोक

ब्रह्मांड का जन्म और प्रलय कैसे जुड़े हैं?

सृष्टि और प्रलय विष्णु की श्वास से चलने वाले एक ही चक्र के दो चरण हैं।

#ब्रह्मांड#जन्म#प्रलय
लोक

ब्रह्मा जी को स्वयंभू क्यों कहते हैं?

क्योंकि ब्रह्मा भौतिक जन्म से नहीं, स्वयं प्रकट हुए।

#ब्रह्मा#स्वयंभू#जन्म
लोक

नाभि-कमल से कौन पैदा हुए?

नाभि-कमल से ब्रह्मा जी प्रकट हुए।

#नाभि-कमल#ब्रह्मा#जन्म
ज्योतिष दोष एवं उपाय

मूल नक्षत्र में जन्मे बच्चे के लिए कौन सी पूजा

27वें दिन मूल शांति पूजा (पंडित), गणेश पूजा, नवग्रह हवन, महामृत्युंजय, दान। मूल = अशुभ नहीं, शक्तिशाली। कई महान व्यक्ति मूल जन्मे। अत्यधिक भय अनुचित — शांति पूजा कराएं।

#मूल#नक्षत्र#जन्म
दैनिक आचार

बच्चे के जन्म पर कौन सी पूजा करें

जातकर्म (जन्म तुरंत — कान में मंत्र), छठी (6वें दिन), नामकरण (11-21 दिन)। गणेश-लक्ष्मी + कुल देवता पूजा। दान: ब्राह्मण भोज, गरीबों को भोजन। बाद: निष्क्रमण, अन्नप्राशन, मुंडन।

#जन्म#शिशु#संस्कार
षोडश संस्कार

जातकर्म संस्कार कब और कैसे करें

जातकर्म = चतुर्थ संस्कार, जन्म के तुरन्त बाद। मुख्य: शहद+घी सोने की शलाका से चटाना (मेधा-आयु-बल हेतु)। मेधा सूक्त पाठ, शिशु के कान में मंत्र, प्रथम स्तनपान। पिता मुख देखे, कुण्डली बनवाएँ। आधुनिक: चिकित्सक सलाह अनुसार शहद।

#जातकर्म#संस्कार#नवजात
मंत्र जप ज्ञान

जन्म नक्षत्र के अनुसार मंत्र का चयन कैसे करें?

27 नक्षत्र = 27 देवता। जन्म नक्षत्र → नक्षत्र देवता → मंत्र। आर्द्रा=रुद्र='ॐ नमः शिवाय', स्वाति=वायु=हनुमान। ज्योतिषी/गुरु से कुंडली→इष्ट→मंत्र। ज्योतिष आधारित।

#नक्षत्र#जन्म#मंत्र
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