लोकजम्बूद्वीप में देवी गंगा कहाँ-कहाँ प्रवाहित होती हैं?गंगा जम्बूद्वीप के चार वर्षों में प्रवाहित होती हैं — सीता (भद्राश्व), अलकनंदा (भारतवर्ष), चक्षु (केतुमाल), सोमा (उत्तरकुरु)। साथ ही चार सरोवरों को भी भरती हैं।#गंगा#जम्बूद्वीप#चार वर्ष
लोककिम्पुरुष वर्ष में हनुमान जी क्या करते हैं?किम्पुरुष वर्ष (हिमालय और हेमकूट के बीच) में हनुमान जी अन्य किम्पुरुषों के साथ भगवान श्रीराम की निरंतर आराधना और कीर्तन करते हैं।#किम्पुरुष वर्ष
लोकजम्बूद्वीप के नव-वर्ष कौन-कौन से हैं?जम्बूद्वीप के नौ वर्ष हैं — इलावृत, भद्राश्व, हरि, केतुमाल, रम्यक, हिरण्मय, उत्तरकुरु, किम्पुरुष और भारतवर्ष।#जम्बूद्वीप#नव वर्ष#भारतवर्ष
लोकजम्बू नदी क्या है और कैसे बनती है?जम्बूद्वीप के दिव्य जम्बू वृक्ष के हाथी-आकार के फल गिरकर फटते हैं। उनके रस से जम्बू नदी बनती है जिसे पीने वाले को रोग, बुढ़ापा और शोक नहीं होता।#जम्बू नदी#जम्बू वृक्ष#फल
लोकसुमेरु पर्वत कहाँ है और इसका महत्व क्या है?सुमेरु पर्वत जम्बूद्वीप के केंद्र में इलावृत वर्ष के मध्य में है। यह सम्पूर्ण ब्रह्मांड की धुरी है और इसके शिखर पर ब्रह्मा जी की 'ब्रह्मपुरी' है।#सुमेरु पर्वत#जम्बूद्वीप#इलावृत वर्ष
लोकभूमण्डल की संरचना कमल-पत्र के समान क्यों बताई गई है?जम्बूद्वीप उत्तर-दक्षिण में दबा और मध्य में उभरा होने से कमल-पत्र जैसा दिखता है। सुमेरु पर्वत कमल की कर्णिका और नव-वर्ष उसकी पंखुड़ियाँ हैं।#भूमण्डल#कमल पत्र#आकार
लोकजम्बूद्वीप का नाम जम्बू क्यों पड़ा?जम्बूद्वीप का नाम एक विशाल दिव्य जम्बू (जामुन) वृक्ष के कारण पड़ा। इसके फलों के रस से जम्बू नदी बनती है और उस रस से जाम्बूनद (दिव्य सोना) उत्पन्न होता है।#जम्बूद्वीप#जम्बू वृक्ष#जाम्बूनद
लोकसुमेरु पर्वत क्या है?सुमेरु पर्वत जम्बूद्वीप के केंद्र में स्थित सम्पूर्ण ब्रह्मांड की धुरी है। यह 84,000 योजन ऊँचा और 16,000 योजन गहरा है। इसके शिखर पर ब्रह्मा जी की पुरी है।#सुमेरु पर्वत#मेरु#ब्रह्मांड धुरी
लोकजम्बूद्वीप क्या है और कहाँ है?जम्बूद्वीप सप्तद्वीपों के केंद्र में स्थित है। इसका विस्तार एक लाख योजन है और यह लवण सागर से घिरा है। इसके केंद्र में सुमेरु पर्वत है।#जम्बूद्वीप#भूलोक#लवण सागर