विस्तृत उत्तर
किम्पुरुष वर्ष हिमालय और हेमकूट के मध्य स्थित है। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार इस वर्ष में परम रामभक्त हनुमान जी अन्य किम्पुरुषों के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की निरंतर आराधना करते हैं और उनके आदर्शों का गान करते हैं। हनुमान जी किम्पुरुष वर्ष में निरंतर भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन रहते हैं। यह एक अत्यंत पावन और दिव्य वर्ष है जहाँ भगवान राम की भक्ति का अनवरत प्रवाह बहता रहता है। इस वर्ष में हनुमान जी की निरंतर उपस्थिति और भगवान राम की आराधना यह दर्शाती है कि भक्ति का यह प्रवाह केवल भारतवर्ष तक सीमित नहीं है अपितु जम्बूद्वीप के अन्य वर्षों में भी यह अनवरत चलता रहता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





