विस्तृत उत्तर
देवनदी गंगा जम्बूद्वीप में चार धाराओं में प्रवाहित होकर सम्पूर्ण द्वीप को पवित्र करती है। पहली धारा 'सीता' पूर्व दिशा में प्रवाहित होती है — यह चैत्ररथ वन और अरुणोद सरोवर को पार करते हुए शीतान्त आदि पर्वत शिखरों से होती हुई भद्राश्व वर्ष की भूमि में प्रवेश करती है। दूसरी धारा 'अलकनंदा' दक्षिण दिशा में प्रवाहित होती है — यह गंधमादन पर्वत से होते हुए नंदन वन और मानसरोवर को आप्लावित करती है और हिमालय से होती हुई भारतवर्ष में प्रवेश करती है। तीसरी धारा 'चक्षु' पश्चिम दिशा में विपुल पर्वत पर गिरती है और वैभ्राज वन को पार करते हुए शीतोद सरोवर को भरती है और केतुमाल वर्ष में प्रवेश करती है। चौथी धारा 'सोमा' उत्तर दिशा में सुपार्श्व पर्वत पर गिरकर सवितृ वन को पार कर महाभद्र सरोवर को जलमग्न करती है और उत्तरकुरु वर्ष की भूमि को सिंचित करती है।
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