शिव महिमारुद्राक्ष की उत्पत्ति कैसे हुई, शिव पुराण के अनुसार?शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव ने दीर्घ तपस्या के बाद जब नेत्र खोले तो उनके नेत्रों से गिरे अश्रु-बिंदुओं से रुद्राक्ष के वृक्ष उत्पन्न हुए। 'रुद्र' (शिव) के 'अक्ष' (नेत्र) से उत्पन्न होने के कारण यह 'रुद्राक्ष' कहलाया और शिव का साक्षात स्वरूप माना गया।#रुद्राक्ष उत्पत्ति#शिव पुराण#शिव अश्रु
शिव रूप महिमाशिव के त्रिपुरांतक रूप का वर्णन शिव पुराण में कैसे हैत्रिपुरांतक = तीन पुरों का अंत करने वाले। तीन असुर-पुत्रों के सोने-चाँदी-लोहे के तीन नगरों को शिव ने एक ही बाण से नष्ट किया। इसके बाद आनंद में शिव ने तांडव किया — यहीं से नृत्य का उद्भव माना जाता है।
अस्त्र शस्त्रपिनाक धनुष की क्या खासियत थी?पिनाक विश्वकर्मा निर्मित शिव का दिव्य धनुष था। इतना भारी कि कोई राजा उठा न सका। इसकी टंकार से पर्वत हिलते थे। इसी से शिव ने त्रिपुरासुर की तीनों नगरियाँ एक बाण से नष्ट की थीं।#पिनाक विशेषता#शिव धनुष#त्रिपुरासुर
शिव महिमात्रिपुरासुर कौन थे और उनकी उत्पत्ति कैसे हुई?त्रिपुरासुर तारकासुर के तीन पुत्र थे — तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली। कार्तिकेय द्वारा तारकासुर के वध के बाद इन्होंने देवताओं से बदला लेने के लिए ब्रह्मा की कठोर तपस्या की और तीन आकाश-नगरों के स्वामी बनकर त्रिपुरासुर कहलाए।#त्रिपुरासुर#तारकासुर पुत्र#तारकाक्ष
दिव्यास्त्रत्रिपुरासुर कौन था और उसका वध कैसे हुआ?त्रिपुरासुर के तीन उड़ते हुए अजेय नगर थे जिन्हें शिव ने पाशुपतास्त्र से एक ही बाण में नष्ट किया। यह इस अस्त्र का सबसे प्राचीन ज्ञात प्रयोग है।#त्रिपुरासुर#पाशुपतास्त्र#शिव
दिव्यास्त्रभगवान शिव ने पाशुपतास्त्र से क्या किया?भगवान शिव ने पाशुपतास्त्र से त्रिपुरासुर का संहार किया और युगांत में सृष्टि का प्रलय करके नए सृजन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।#शिव#पाशुपतास्त्र#त्रिपुरासुर
शिव अस्त्र-शस्त्रशिव जी ने पिनाक धनुष से किसका वध किया थाशिव ने पिनाक धनुष से त्रिपुरासुर के तीन अभेद्य उड़नशील नगरों को एक ही बाण से भस्म किया। तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली का अंत हुआ — इसीलिए शिव 'त्रिपुरांतक' हैं।#पिनाक#त्रिपुरासुर#त्रिपुरांतक
लोकभगवान शिव को त्रिपुरारी क्यों कहा गया?शिव ने तीनों त्रिपुर नगरों को एक बाण से भस्म किया, इसलिए वे त्रिपुरारी कहलाए।#त्रिपुरारी#भगवान शिव#त्रिपुर दहन
लोकदेवता भगवान शिव की शरण में क्यों गए?त्रिपुरासुरों के अत्याचार से त्रस्त होकर देवता शिव की शरण में गए।#देवता#भगवान शिव#त्रिपुरासुर
लोकत्रिपुरासुरों ने तीनों लोकों में क्या किया?त्रिपुरासुरों ने तीनों लोकों में हाहाकार मचाया, ऋषियों का संहार किया और देवताओं को स्वर्ग से खदेड़ा।#त्रिपुरासुर#तीनों लोक#देवता
लोकब्रह्मा जी ने असुरों को अमरता क्यों नहीं दी?ब्रह्मा जी ने अमरता नहीं दी क्योंकि वह सृष्टि के नियमों के विरुद्ध थी।#ब्रह्मा#अमरता#त्रिपुरासुर
लोकत्रिपुरासुरों ने ब्रह्मा जी से क्या वरदान माँगा?त्रिपुरासुरों ने अमरता न मिलने पर तीन अजेय उड़ने वाले नगरों का वरदान माँगा।#त्रिपुरासुर#ब्रह्मा वरदान#तीन नगर
लोकविद्युन्माली कौन था?विद्युन्माली तारकासुर का छोटा पुत्र था, जिसके लिए पृथ्वी पर लौह नगर बनाया गया।#विद्युन्माली#त्रिपुरासुर#लौह नगर
लोककमलाक्ष कौन था?कमलाक्ष तारकासुर का मँझला पुत्र था, जिसके लिए आकाश में रजत नगर बनाया गया।#कमलाक्ष#त्रिपुरासुर#रजत नगर
लोकतारकाक्ष कौन था?तारकाक्ष तारकासुर का बड़ा पुत्र था, जिसके लिए मय दानव ने स्वर्ग में स्वर्ण नगर बनाया।#तारकाक्ष#त्रिपुरासुर#तारकासुर पुत्र
लोकतारकासुर कौन था?तारकासुर वह असुर था जिसका वध कार्तिकेय ने किया और जिसके पुत्र त्रिपुरासुर कहलाए।#तारकासुर#स्कंद#कार्तिकेय
लोकत्रिपुर दहन क्या है?त्रिपुर दहन में शिव ने त्रिपुरासुरों के तीन नगरों को एक ही बाण से भस्म किया।#त्रिपुर दहन#भगवान शिव#त्रिपुरासुर
श्लोकों का अर्थचन्द्रशेखराष्टकम् में त्रिपुरांतक का क्या अर्थ है?त्रिपुरांतक का अर्थ है तीनों पुरों (त्रिपुरासुर) को जलाने वाले — यह मन की अस्थिरता के मूल (अहंकार, कर्म, माया) के नाश का प्रतीक है।#त्रिपुरांतक#तीन पुर#त्रिपुरासुर