विस्तृत उत्तर
त्रिपुरासुरों ने पहले ब्रह्मा जी से अमरता का वरदान माँगा। ब्रह्मा जी ने स्पष्ट किया कि अमरता का वरदान सृष्टि के नियमों के विरुद्ध है। तब तारकाक्ष, कमलाक्ष और विद्युन्माली ने तीन अजेय और अंतरिक्ष में उड़ने वाले नगरों की माँग की। उन्होंने शर्त रखी कि ये तीनों नगर एक हजार वर्ष में केवल एक बार, ठीक मध्याह्न के समय अभिजित मुहूर्त में, जब चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में हो, एक पल के लिए एक सीध में आएँ। उसी पल यदि कोई परम शक्तिमान देवता एक ही बाण से तीनों नगरों को भेद दे, तभी उनकी मृत्यु हो सके।
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