श्राद्ध भेदपार्वण श्राद्ध की क्या विशेषता है?
पार्वण श्राद्ध की मुख्य विशेषता तीन पीढ़ियों का सतीक आवाहन है। इसमें पिता, पितामह, प्रपितामह और मातामह, प्रमातामह, वृद्धप्रमातामह — सब अपनी पत्नियों के साथ आहूत होते हैं। साथ ही विश्वेदेवों यानी पुरूरवा-आर्द्रव या क्रतु-दक्ष की स्थापना अनिवार्य होती है। तीन पिण्ड बनते हैं, जो तीन पीढ़ियों के प्रतीक हैं। यह मुख्यतः पितृ पक्ष में होता है।
#पार्वण श्राद्ध#तीन पीढ़ी#विश्वेदेव