लोकभारतवर्ष में जन्म हजारों जन्मों के पुण्यों का फल क्यों माना गया है?गरुड़ पुराण के अनुसार चौरासी लाख योनियों के बाद भारत में मानव जन्म मिलता है। देवता भी यहाँ जन्म चाहते हैं क्योंकि केवल यहीं मोक्ष संभव है।#भारतवर्ष#जन्म#हजारों पुण्य
लोकविष्णु पुराण के 'गायन्ति देवाः' श्लोक का क्या अर्थ है?'गायन्ति देवाः' श्लोक में देवता कहते हैं — भारतवर्ष में जन्म लेने वाले हमसे भी धन्य हैं क्योंकि यह स्वर्ग और मोक्ष दोनों का द्वार है जो हमें भी दुर्लभ है।
लोकभारतवर्ष में चार युग क्यों होते हैं जबकि अन्य वर्षों में नहीं?भारतवर्ष में चारों युग इसलिए होते हैं क्योंकि यह एकमात्र कर्मभूमि है। अन्य वर्ष केवल भोगभूमि हैं जहाँ सदा त्रेता युग जैसा सुखद वातावरण रहता है।#चार युग#भारतवर्ष#कर्मभूमि
लोकभारतवर्ष और अन्य वर्षों में क्या मूलभूत अंतर है?भारतवर्ष एकमात्र कर्मभूमि है जहाँ चारों युग होते हैं और मोक्ष संभव है। अन्य वर्ष केवल भोगभूमि हैं जहाँ पुण्यों का भोग होता है।#भारतवर्ष#भोगभूमि#कर्मभूमि
लोकजम्बूद्वीप के नव-वर्ष कौन-कौन से हैं?जम्बूद्वीप के नौ वर्ष हैं — इलावृत, भद्राश्व, हरि, केतुमाल, रम्यक, हिरण्मय, उत्तरकुरु, किम्पुरुष और भारतवर्ष।#जम्बूद्वीप#नव वर्ष#भारतवर्ष
लोकदेवता भारत में जन्म लेने की इच्छा क्यों करते हैं?देवता स्वर्ग में भी भारत में जन्म लेना चाहते हैं क्योंकि केवल यहाँ मोक्ष संभव है। विष्णु पुराण में 'गायन्ति देवाः' श्लोक में यही कहा गया है।#देवता#भारतवर्ष#जन्म
लोकभारतवर्ष को सबसे श्रेष्ठ क्यों माना गया है?भारतवर्ष एकमात्र कर्मभूमि है जहाँ मोक्ष प्राप्त हो सकता है। अन्य वर्ष केवल भोगभूमि हैं। यहाँ चारों युग होते हैं और नए कर्म करने की स्वतंत्रता है।#भारतवर्ष#कर्मभूमि#मोक्ष
लोकभूलोक को कर्मभूमि क्यों कहते हैं?भूलोक को कर्मभूमि इसलिए कहते हैं क्योंकि केवल यहाँ नए कर्म करने की स्वतंत्रता है और केवल यहीं मोक्ष प्राप्त हो सकता है। अन्य सभी लोक केवल भोगभूमियाँ हैं।#भूलोक#कर्मभूमि#मोक्ष