लोकअमरावती का वातावरण कैसा है?अमरावती में सदा वसंत जैसा मौसम है, शीतल सुगंधित वायु बहती है, गंधर्वों का मधुर संगीत गूंजता है और अंधकार कभी नहीं होता।#अमरावती#वातावरण#सुगंध
लोकगंधर्व और अप्सराएं कौन होती हैं?गंधर्व स्वर्ग के दिव्य गायक और वादक हैं जबकि उर्वशी, रंभा, मेनका जैसी अप्सराएं नृत्य और सौंदर्य के लिए विख्यात हैं। ये देव-उद्यानों में विहार करते हैं।#गंधर्व#अप्सराएं#स्वर्ग
ध्यान अनुभवध्यान में अनाहत चक्र से संगीत सुनाई देने का अनुभव क्या है?अनाहत जागृत (12 दल खुला)। हृदय से संगीत (वीणा/बांसुरी/ॐ) — बाहरी स्रोत नहीं। प्रेम/करुणा।: 'सिद्धियां, ब्रह्मांडीय ऊर्जा।': 'वासना मुक्त।' ध्वनि में डूबें!#अनाहत#चक्र#संगीत
लोकपाताल लोक में संगीत और पक्षियों का क्या वर्णन है?पाताल लोक में कोकिलों की मधुर ध्वनि और वीणा, वेणु, मृदंग का संगीत निरंतर गूंजता रहता है।#पाताल लोक#संगीत#पक्षी
लोकनारद जी के अनुसार पाताल की सुंदरता कैसी है?नारद जी के अनुसार पाताल में नाग-मणियाँ, दैत्य कन्याएँ, संगीत, सुगंधित लेप और विलासिता स्वर्ग से भी अधिक आकर्षक हैं।#नारद पाताल सुंदरता#मणि#दैत्य कन्या
लोकतलातल में पक्षियों का कलरव कैसा बताया गया है?तलातल में कोयल और अन्य सुरीले पक्षियों का मधुर कलरव गूँजता है।#तलातल पक्षी#कोयल#कलरव
लोकतलातल का वातावरण कैसा है?तलातल का वातावरण वसंत समान, सुवासित, संगीतपूर्ण, विलासितापूर्ण और प्राकृतिक आपदाओं से रहित है।#तलातल वातावरण#सुगंध#संगीत
लोकअतल लोक का वातावरण कैसा है?अतल लोक का वातावरण अत्यंत सम्मोहक है — सुगंधित कमल, मीठा जल, कोयल का कलरव, वीणा-बांसुरी का संगीत और स्वर्ण आभूषण। नारद जी ने इसे स्वर्ग से भी सुंदर बताया।#अतल लोक#वातावरण#सौंदर्य
वेद एवं उपनिषदसामवेद क्या है और किसे पढ़ना चाहिए?सामवेद संगीत-प्रधान वेद है जिसमें 1875 मंत्र हैं जिन्हें विशेष सुर-ताल से गाया जाता है। भगवान कृष्ण ने गीता में इसे वेदों में अपना स्वरूप बताया है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत का मूल आधार है। परंपरा में यज्ञ के उदगाता पुरोहित इसका अध्ययन करते थे।#सामवेद#वेद#संगीत
भक्ति एवं आध्यात्मभजन सुनने से मन शांत क्यों होता हैभजन सुनने से मन इसलिए शांत होता है क्योंकि नाम की ध्वनि चित्त को शुद्ध करती है, राग-संगीत अल्फा तरंगें उत्पन्न करता है और मन एक बिंदु पर एकाग्र होकर ध्यान-जैसी अवस्था में आ जाता है।#भजन#मन शांति#संगीत
महिला एवं धर्मगर्भावस्था में संगीत सुनें बच्चे विकासहाँ — शास्त्रीय+वैज्ञानिक प्रमाणित। अभिमन्यु/प्रह्लाद। ~18 सप्ताह बाद शिशु सुनता। राग/वीणा/बांसुरी/गायत्री/ॐ। 15-30 min/दिन। उग्र संगीत टालें।#गर्भावस्था#संगीत#बच्चा
ध्यानध्यान के दौरान संगीत सुनना सही है या नहीं?ध्यान में संगीत: नाद योग — हाँ, शुद्ध/सात्विक नाद ध्यान का द्वार (हठयोग प्रदीपिका 4.65)। निर्गुण ध्यान — नहीं, बाहरी ध्वनि बाधक। प्रारंभिक साधक — ॐकार/भजन सहायक। उन्नत — मौन सर्वश्रेष्ठ। उत्तेजक/तामसिक संगीत सर्वथा वर्जित।#ध्यान#संगीत#नाद योग
मंदिर ज्ञानमंदिर के स्तंभों में संगीत की ध्वनि क्यों निकलती है?1 पत्थर → पतले उप-स्तंभ → भिन्न घनत्व = भिन्न ध्वनि → सप्त स्वर। हम्पी/मीनाक्षी/थंजावुर। आधुनिक विज्ञान = पूर्ण समझ नहीं। ब्रिटिश काटे → ठोस (खोखले नहीं) = रहस्य।#स्तंभ#संगीत#ध्वनि