विस्तृत उत्तर
गंधर्व और अप्सराएं स्वर्लोक के संगीतकार और नर्तक हैं। गंधर्व गायन और वादन में पारंगत होते हैं। अमरावती में सर्वत्र धीमी और अत्यंत मधुर संगीतमय ध्वनियां गूंजती रहती हैं जिन्हें गंधर्व, किन्नर और अप्सराएं अपनी वीणा और गायन से उत्पन्न करते हैं। उर्वशी, रंभा और मेनका जैसी अप्सराएं अपनी दिव्यता और नृत्य कला के लिए विख्यात हैं। देव-उद्यानों जैसे नंदन वन, चैत्ररथ, वैभ्राजक और सर्वतोभद्र में देवगण, गंधर्व और अप्सराएं अपनी पत्नियों के साथ विहार करते हैं। महाभारत की सभा पर्व में गंधर्व तुम्बुरु का भी देवराज इन्द्र की राजसभा सुधर्मा में उपस्थित होने का उल्लेख है। शाल्मल द्वीप में भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ का निवास उस विशाल शाल्मली वृक्ष पर है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक




