लोकप्रेत योनि क्या है?प्रेत योनि वह अवस्था है जिसमें शरीर छोड़ चुकी आत्मा नई योनि या पितृलोक न पाकर वायव्य सूक्ष्म देह में भूख-प्यास से भटकती रहती है।#प्रेत योनि#गरुड़ पुराण#सूक्ष्म शरीर
लोकयममार्ग क्या है?यममार्ग मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक तक ८६,००० योजन लंबी कठिन यात्रा का मार्ग है।#यममार्ग#यमलोक#गरुड़ पुराण
लोकयमलोक क्या है?यमलोक वह पारलौकिक न्याय-स्थान है जहाँ मृत्यु के बाद जीवात्मा के कर्मों का निष्पक्ष मूल्यांकन होता है और उनके अनुसार फल दिया जाता है।#यमलोक#गरुड़ पुराण#कर्म न्याय
फलश्रुति और लाभनीलकंठ स्तोत्र पाठ से मृत्यु के बाद क्या होता है?नीलकंठ स्तोत्र का सर्वोच्च फल है 'शिवलोकं स गच्छति' — भक्तिपूर्वक पाठ करने वाला साधक मृत्यु के पश्चात शिवलोक को प्राप्त होता है।#शिवलोक#मोक्ष#मृत्यु के बाद
जीवन एवं मृत्युप्रेतकल्प क्या है?प्रेतकल्प गरुड़ पुराण का द्वितीय भाग है जिसमें 35 अध्याय हैं। इसमें मृत्यु का स्वरूप, यमलोक-प्रेतलोक, श्राद्ध-पिंडदान, प्रेत योनि और मुक्ति के उपायों का विस्तृत वर्णन है।#प्रेतकल्प#गरुड़ पुराण#प्रेत योनि
जीवन एवं मृत्युवैतरणी नदी क्या है?वैतरणी नदी मृत्युलोक और यमलोक के बीच स्थित एक भयावह नदी है जो प्रत्येक जीव को पार करनी होती है। 'वैतरणी' नाम दान (वितरण) से जुड़ा है — जिसने जीवन में दान किया, उसके लिए यह पार करना सुगम होता है।#वैतरणी नदी#यममार्ग#गरुड़ पुराण
जीवन एवं मृत्युयममार्ग क्या है?यममार्ग वह दुर्गम अध्यात्मिक मार्ग है जिससे जीवात्मा मृत्यु के बाद यमलोक पहुँचती है। यह 99,000 योजन लंबा, बिना छाया-जल वाला और कष्टकारी है। पुण्यात्मा के लिए सुखद, पापी के लिए दुःखद — एक ही मार्ग का भिन्न अनुभव।#यममार्ग#यमलोक यात्रा#गरुड़ पुराण