📖
विस्तृत उत्तर
पितृयान वह मार्ग है जिसके द्वारा मृतात्मा पितृलोक की यात्रा करती है। शास्त्रों में पितरों का निवास भूर्लोक और द्युलोक के मध्य स्थित पितृलोक में माना गया है। मृतात्मा दाह-संस्कार के बाद सूक्ष्म वायव्य शरीर धारण करती है और प्रेत अवस्था में यममार्ग की यात्रा करती है। श्राद्ध, पिण्डदान और सपिण्डीकरण के बाद वह पितृ पद प्राप्त कर पितृलोक की अधिकारिणी बनती है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





