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महत्व

गरुड़ पुराण का महत्व(9)

गरुड़ पुराण का अर्थगरुड़ पुराण क्या है?गरुड़ पुराण का महत्व
सरल उत्तर

गरुड़ पुराण में दान सर्वश्रेष्ठ कर्म है — यममार्ग पर सहायक, वैतरणी पार कराने वाला, स्वर्ग का मार्ग खोलने वाला और पाप नष्ट करने वाला। 'दान के प्रभाव से जीव स्वर्ग को प्राप्त करता है।'

स्रोत प्रश्न: दान का महत्व क्या बताया गया है? →
जीवन एवं मृत्यु

दीपदान का क्या महत्व है?

दीपदान से यममार्ग के अंधकार में प्रकाश मिलता है। दशगात्र में प्रतिदिन दीप का प्रावधान है। सांयकाल घट पर दीप प्रेत का मार्गदर्शक है। श्राद्ध में जलाया दीप पितर-पथ को प्रकाशित करता है।

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जीवन एवं मृत्यु

भूमि दान का क्या महत्व है?

भूमिदान से ब्रह्महत्या जैसे महापाप नष्ट होते हैं, राजकीय महापाप केवल इसी से मिटता है, गोचर्म भूमिदान समस्त पापनाशक है और इन्द्रलोक की प्राप्ति होती है। यह अष्टमहादान में सम्मिलित है।

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जीवन एवं मृत्यु

एकादशाह का क्या महत्व है?

एकादशाह का महत्व — दशगात्र की पूर्णता, सर्वाधिक दान (गोदान-शय्यादान-वृषोत्सर्ग), परिवार की सूतक-मुक्ति और प्रेत की यमयात्रा-प्रारंभ। यह प्रेत-मुक्ति-प्रक्रिया का एक निर्णायक पड़ाव है।

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जीवन एवं मृत्यु

स्वर्णदान का क्या महत्व है?

गरुड़ पुराण में स्वर्णदान से ब्रह्मा-ऋषि-धर्मराज के सभासद प्रसन्न होते हैं। 'प्रेत के उद्धार के लिए स्वर्णदान करना चाहिए' — यह गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय का सीधा वर्णन है।

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जीवन एवं मृत्यु

तिलदान का क्या महत्व है?

गरुड़ पुराण में तिलदान मृत्युकाल के दानों में प्रथम है। पाप-नाश की विशेष शक्ति है। जल-तिल का तर्पण प्रेत-पितरों की तृप्ति का अनिवार्य साधन है। यमदूतों को भी यह दान शांत करता है।

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वस्त्रदान का क्या महत्व है?

गरुड़ पुराण में वस्त्रदान मृत्यु से पहले करने योग्य महत्वपूर्ण दानों में है। यमदूतों को प्रसन्न करता है, यममार्ग पर सहायक है और श्राद्ध में वस्त्र देने से पितरों को तृप्ति मिलती है।

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जलदान का क्या महत्व है?

गरुड़ पुराण में जलदान सर्वसुलभ और अनिवार्य दान है। यममार्ग पर जल का अभाव है — जलदान करने वाले को राहत मिलती है। तर्पण का जल प्रेत की प्यास बुझाता है। गंगाजल देना सर्वश्रेष्ठ जलदान है।

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अन्नदान का क्या महत्व है?

गरुड़ पुराण में यमदूत पापियों से 'जल और अन्न का दान न देने' का उलाहना देते हैं। अन्नदान से यममार्ग पर भोजन मिलता है और प्रेत-पितरों को तृप्ति मिलती है। 'अन्नदानं परं दानम्' — सनातन का यह वचन गरुड़ पुराण का सार है।

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दान का महत्व क्या बताया गया है?

गरुड़ पुराण में दान सर्वश्रेष्ठ कर्म है — यममार्ग पर सहायक, वैतरणी पार कराने वाला, स्वर्ग का मार्ग खोलने वाला और पाप नष्ट करने वाला। 'दान के प्रभाव से जीव स्वर्ग को प्राप्त करता है।'

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और महत्व
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