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पर्व

हरतालिका — पर्व सम्बन्धित प्रश्न(9)

हरतालिका पर्व पर शास्त्रीय व्याख्या — विधि, कथा, मंत्र और महत्व — एक स्थान पर। कुल 9 प्रश्न उपलब्ध हैं।  अगली तिथि (अनुमानित): 14-09-2026

हरतालिका तीज और उपासना

हरतालिका तीज की पूजा विधि क्या है?

हरतालिका तीज पूजा विधि: गौरी-शंकर संयुक्त पूजा, अष्ट प्रहर पूजा, सोलह श्रृंगार, अपामार्ग-धतूरा-बेलपत्र-चम्पक-शमी पत्र से विभिन्न नामों का उच्चारण। फल: पार्वती के समान अचल सुहाग और मनोवांछित फल।

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हरतालिका तीज और उपासना

हरतालिका तीज व्रत का नाम कैसे पड़ा?

'हरत' (हरण करना) + 'आलिका' (सखी) = 'हरतालिका'। सखी ने पार्वती का हरण कर जंगल में ले जाकर विष्णु से विवाह रोका — इसी घटना से यह नाम पड़ा।

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हरतालिका तीज और उपासना

हरतालिका तीज व्रत क्या है?

हरतालिका तीज = भाद्रपद शुक्ल तृतीया, निर्जला व्रत। कथा: हिमालय ने विष्णु से विवाह तय किया → पार्वती दुखी → सखी ने हरण कर जंगल ले गई → पार्वती ने बालू का शिवलिंग बनाकर रात भर जागरण किया → शिव प्रकट हुए और पत्नी स्वीकार किया।

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व्रत एवं त्योहार

हरतालिका तीज की कथा

माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए तप किया। सखी ने उन्हें वन में छुपाया (हरतालिका = हरण + सखी)। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को उन्होंने रेत का शिवलिंग बनाकर जागरण किया और शिव ने प्रकट होकर उनकी कामना पूरी की। इसी घटना की स्मृति में यह व्रत होता है।

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व्रत एवं त्योहार

हरतालिका तीज की पूजा सामग्री

हरतालिका तीज पूजा सामग्री में गीली मिट्टी (प्रतिमा के लिए), पंचामृत, केले के पत्ते, बेलपत्र, धूप-दीप, पान-सुपारी, नारियल, और माता पार्वती के लिए सिंदूर-चूड़ी-मेहंदी सहित सोलह श्रृंगार की वस्तुएं शामिल हैं।

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महिला एवं धर्म

हरतालिका तीज से पति आयु कैसे बढ़ती

भाद्रपद शुक्ल तृतीया; पार्वती ने शिव तपस्या=अखंड सौभाग्य। शिव=महामृत्युंजय=पति रक्षा। निर्जल=कठोर तप=अधिक पुण्य। बालू मूर्ति+षोडशोपचार+रात्रि जागरण।

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व्रत विधि

हरतालिका तीज पर निर्जला व्रत रखने का क्या विशेष फल है?

हरतालिका निर्जला: पार्वती तप अनुसरण, अखण्ड सौभाग्य (करवा चौथ से कठिन=फल अधिक), शिव-पार्वती कृपा (दाम्पत्य+संतान), पापक्षय, अगले जन्म सौभाग्य। स्वास्थ्य सर्वोपरि — जल छूट।

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व्रत विधि

हरतालिका तीज व्रत में बालू से शिव पार्वती बनाने का क्या विधान है?

बालू शिव-पार्वती: पार्वती ने बालू शिवलिंग बनाकर तप किया (अनुसरण)। विधि: बालू/मिट्टी→शिवलिंग+पार्वती+गणेश→केले पत्ते→षोडशोपचार→बेलपत्र। 'हरतालिका'=सखी ने हरा (छिपाया)। निर्जला+जागरण। प्रातः विसर्जन।

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व्रत

हरतालिका तीज व्रत कैसे रखें विधि सहित

हरतालिका तीज: भाद्रपद शुक्ल तृतीया। निर्जला व्रत (जल भी वर्जित)। बालू से शिव-पार्वती प्रतिमा → षोडशोपचार पूजा → कथा श्रवण → रात्रि जागरण → अगले दिन पारण। कथा: पार्वती ने शिव प्राप्ति हेतु किया। सौभाग्य, मनचाहा वर।

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