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विस्तृत उत्तर
आठवें दिन के पिण्डदान से जानु, अर्थात घुटनों, का निर्माण होता है। सातवें दिन जांघें बनती हैं और आठवें दिन घुटनों की संरचना पूरी होती है। यह पिण्डज शरीर के नीचे के अंगों के निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है।
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