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विस्तृत उत्तर
अनहद नाद वह ध्वनि है जो किसी बाहरी आघात या टकराव से उत्पन्न नहीं होती। सामान्य ध्वनि दो वस्तुओं के स्पर्श या कंपन से बनती है, लेकिन अनहद नाद चेतना के भीतर से उठने वाला दिव्य कंपन है। इस कथा में आदिनाद को अनहद कहा गया क्योंकि वह किसी वाद्य, वायु या भौतिक स्रोत से नहीं निकला था। वह भगवान विष्णु के सृजन-संकल्प से प्रकट हुआ प्रथम नाद था।
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