विस्तृत उत्तर
तिब्बती बौद्ध परंपरा में भी नीली तारा (जिसे दोलमा कहते हैं) को एक देवी माना जाता है जो सभी विद्याओं की अधिष्ठात्री हैं।
बौद्ध ग्रंथों में भी तारा के 108 नामों में नीलसरस्वती का नाम शामिल है। इसका अर्थ है कि न केवल हिंदू, बल्कि बौद्ध परंपरा में भी ज्ञानमयी तारा के इस रूप को स्वीकारा गया है।
माँ तारा का उल्लेख न केवल हिन्दू तंत्र में बल्कि बौद्ध धर्म के वज्रयान तांत्रिक ग्रंथों में भी प्रमुखता से मिलता है।
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