विस्तृत उत्तर
नील सरस्वती देवी से संबंधित प्रमुख ग्रंथ:
— नीलसरस्वती तंत्र: नाम से ही स्पष्ट है, इसमें उनकी साधना, मंत्र और पूजा विधि का विस्तार से वर्णन है।
— बृहन्नील तंत्र: इसमें भी उनकी साधना का विस्तृत वर्णन है।
— प्राणतोषिणी तंत्र (19वीं सदी): इसमें नील सरस्वती की 100 नामों वाली नामावली दी गई है, जिसमें उन्हें 'ताराभाविनी, कुलीनबाला' आदि नामों से संबोधित किया गया है।
— कालीकुल सारोद्धार: इसमें नील सरस्वती को उग्रतारा के समान बताया गया है।
— तारा सहस्रनाम: तारा देवी के 1000 नामों की सूची में 'नीलसरस्वती' नाम आता है।
— महाविद्या तरंगिणी: इसमें नील सरस्वती को दस महाविद्याओं की गुरु (आचार्या) कहा गया है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक




