विस्तृत उत्तर
भगवद्गीता के अनुसार तमोगुणी और जघन्य गुणों में स्थित प्राणी अधोलोकों में जाते हैं। गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं: 'ऊर्ध्वं गच्छन्ति सत्त्वस्था मध्ये तिष्ठन्ति राजसाः। जघन्यगुणवृत्तिस्था अधो गच्छन्ति तामसाः॥' इसका अर्थ है कि सत्त्वगुण में स्थित पुरुष ऊपर के लोकों को जाते हैं, रजोगुणी मध्य में रहते हैं, और जघन्य गुणों में स्थित तमोगुणी प्राणी नीचे के लोकों को जाते हैं। महातल जैसे बिल-स्वर्गों में वे जीव जन्म लेते हैं जिनमें सकाम पुण्य के साथ भौतिक लालसा, अहंकार और आध्यात्मिक शून्यता भी होती है।
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