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विस्तृत उत्तर
भागवत पुराण में मय दानव को दानवेन्द्र, त्रिपुराधिपति और मायावियों का आचार्य कहा गया है। दानवेन्द्र का अर्थ है दानवों का राजा। त्रिपुराधिपति का अर्थ है तीन नगरों का स्वामी। मायावियों का आचार्य होने का अर्थ है कि वह समस्त मायावी विद्याओं, जादू और भ्रम उत्पन्न करने की कला का गुरु है। भागवत पुराण यह भी बताता है कि शिव ने उसके तीन नगरों को भस्म किया, फिर अपनी कृपा से उसे तलातल में पद दिया और महादेव स्वयं उसकी रक्षा करते हैं।
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