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विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु ने महाराजा बलि को वचन दिया कि यद्यपि वे वैकुंठ लौट रहे हैं, फिर भी वे सूक्ष्म रूप से सदैव सुतल लोक की रक्षा करेंगे और वर्ष में एक बार अपने भक्त बलि से मिलने अवश्य आएंगे। कुछ मान्यताओं के अनुसार यह आगमन ओणम या बलिप्रतिपदा के दिन माना जाता है। यह वचन माता लक्ष्मी द्वारा बलि को राखी बांधने और भगवान विष्णु को वैकुंठ लौटाने के प्रसंग के बाद दिया गया था।
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