विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु वामन रूप में महाराजा बलि के यज्ञ में देवताओं का कार्य सिद्ध करने और बलि की सत्यनिष्ठा तथा भक्ति की परीक्षा के लिए गए। बलि ने भगवान वामन को तीन पग भूमि दान में दी और अंततः अपना सिर भी भगवान के तीसरे पग के लिए अर्पित कर दिया। इस पूर्ण आत्म-समर्पण से भगवान वामन अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने बलि को सुतल लोक का अखंड राज्य प्रदान किया और उनकी भक्ति से इतने वशीभूत हो गए कि स्वयं उनके रक्षक और नित्य द्वारपाल बनने का अभूतपूर्व वरदान दिया। सुतल लोक की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहाँ के अधिपति की रक्षा कोई साधारण सेनापति नहीं, बल्कि साक्षात् परमेश्वर अपने चतुर्भुज रूप में करते हैं। भगवान नारायण हाथ में गदा धारण किए हुए सुतल लोक के मुख्य द्वार पर अहर्निश पहरा देते हैं क्योंकि उनका हृदय अपने भक्तों के प्रति अगाध करुणा और कृपा से द्रवित रहता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक




