📖
विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत पुराण में यमराज द्वारा बारह महाजनों का वर्णन किया गया है, जिन्हें धर्म के वास्तविक ज्ञाता माना गया है। इन बारह महाजनों में चार कुमारों को एक इकाई के रूप में गिना गया है। वे जन्म से ही पूर्ण ज्ञान, वैराग्य और परमहंस स्थिति में थे। वे नित्य मुक्त, भगवान विष्णु के परम भक्त और अखंड नैष्ठिक ब्रह्मचारी हैं, इसलिए उन्हें धर्म और ज्ञान के महान प्रमाण स्वरूप महाजन माना गया है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





