विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण अतल लोक का वर्णन करते हुए इसे कामुकता और विलासिता का केंद्र मानता है। इसके अनुसार अतल लोक पर मय दानव के पुत्र बल का राज है और यहाँ की सुंदर अप्सराएं और दानव-कन्याएं अत्यंत विलासी जीवन जीती हैं। गरुड़ पुराण इस लोक को भौतिक सुखों में डूबे हुए एक ऐसे स्थान के रूप में प्रस्तुत करता है जहाँ आध्यात्मिक चेतना का पूर्णतः अभाव है। यहाँ के निवासी कामुकता और विलासिता में इतने लिप्त हैं कि उन्हें ईश्वर की याद तक नहीं आती। गरुड़ पुराण में कर्म-सिद्धांत के संदर्भ में अतल लोक को उन जीवात्माओं का गंतव्य बताया गया है जो राजसिक और तामसिक कर्मों के कारण यहाँ भेजी जाती हैं।
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