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विस्तृत उत्तर
यदि किसी कारणवश गाय का घी उपलब्ध न हो, तो शास्त्र अनुमति देते हैं कि भैंस के घृत, उसके अभाव में बकरी के घृत, और नितांत अभाव में शुद्ध तिल का तेल, अलसी का तेल या पीली सरसों के तेल का उपयोग किया जा सकता है।
परन्तु यह स्पष्ट है कि जो आध्यात्मिक और पर्यावरणीय लाभ गोघृत से प्राप्त होता है, वह अन्य किसी द्रव्य से संभव नहीं है।
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