विस्तृत उत्तर
पूजा के समय पहने जाने वाले वस्त्रों के विषय में शास्त्रों में स्पष्ट विधान है। शुद्ध, स्वच्छ और सात्विक वस्त्र पूजा की पवित्रता बढ़ाते हैं।
सर्वोत्तम — बिना सिले वस्त्र: हिन्दू शास्त्रों में विशेष पूजा और अनुष्ठान के समय बिना सिले वस्त्र पहनने का विधान है। मान्यता है कि सिले हुए कपड़ों से बंधन का एहसास रहता है और वे पूर्णतः शुद्ध नहीं माने जाते। पुरुष धोती और महिलाएँ साड़ी पहनकर पूजन करें — ये दोनों वस्त्र सिले नहीं होते।
सामान्य दैनिक पूजा में: ताज़े धुले साफ कपड़े पर्याप्त हैं। इस्त्री किए, स्वच्छ सूती या रेशमी वस्त्र पूजा के लिए उपयुक्त हैं। पहने हुए और बिना धुले कपड़ों में पूजा न करें।
कौन से रंग: शुभ देवताओं की पूजा में पीला, सफेद और केसरिया रंग शुभ माना जाता है। माँ लक्ष्मी और सरस्वती के लिए पीला-सफेद, शिव के लिए श्वेत, दुर्गा-हनुमान के लिए लाल और केसरिया उचित है। काले रंग के वस्त्र पूजा में वर्जित माने जाते हैं।
विशेष नियम: रजस्वला अवस्था में महिलाएँ पूजा-स्पर्श न करें। सूतक काल में स्थूल पूजा से बचें और मानसिक जप करें।





