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विस्तृत उत्तर
गोहत्या पाँच महापातकों में से एक मानी गई है। पवित्र गौ माता की हत्या करने वाला पापी वैतरणी नदी में फेंका जाता है, जो रक्त, पीब, मल और भयंकर जीवों से भरी हुई है। गरुड़ पुराण में वर्णित महापातकों को करने वाला जीवात्मा पहले भयंकर नरकों की यातना भोगता है और फिर प्रेत बनता है। इस प्रकार गोहत्या का फल वैतरणी जैसी भयंकर यातना और तदुपरांत प्रेत योनि की प्राप्ति के रूप में बताया गया है।
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