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विस्तृत उत्तर
गुरुपत्नी गमन पाँच महापातकों में से एक है। इसका अर्थ है अपने गुरु की पत्नी या किसी पवित्र स्त्री के साथ व्यभिचार करना, जिसे विश्वासघात का चरम माना गया है। ऐसा पापी 'शाल्मली' नरक में जाता है, जहाँ उसे कांटों से भरे सुलगते हुए वृक्षों का आलिंगन कराया जाता है। इन नरकों की यातना के पश्चात ऐसा पापी जीव प्रेत योनि में आता है।
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