विस्तृत उत्तर
जनलोक का वर्णन सनातन धर्म के वैदिक और पौराणिक वाङ्मय में मिलता है। श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण, वायु पुराण और ब्रह्मांड पुराण जैसे प्रामाणिक ग्रंथों में चौदह लोकों को सात ऊर्ध्व लोक और सात अधोलोक में विभाजित किया गया है। जनलोक सात ऊर्ध्व लोकों में से एक है। इसके अतिरिक्त स्कंद पुराण, मार्कण्डेय पुराण, पद्म पुराण और गरुड़ पुराण में भी जनलोक से जुड़े प्रसंग, दूरी, निवासियों, प्रलयकालीन भूमिका और आध्यात्मिक महत्व का वर्णन मिलता है।
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