विस्तृत उत्तर
जनलोक चौदह लोकों में सात ऊर्ध्व लोकों के क्रम में आने वाला अत्यंत पवित्र, तेजोमय और रहस्यमयी लोक है। सात ऊर्ध्व लोकों के नाम भूलोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक, महर्लोक, जनलोक, तपोलोक और सत्यलोक हैं। इस क्रम में जनलोक नीचे से पाँचवाँ और ऊपर से तीसरा लोक है। यह ब्रह्मा के मानस पुत्रों, प्रजापतियों, महान नैष्ठिक ब्रह्मचारियों, सिद्ध योगियों और उच्च आत्माओं का शाश्वत निवास स्थान माना गया है। जनलोक को विशुद्ध ज्ञान, वैराग्य, ब्रह्म-चिंतन और आध्यात्मिक प्रकाश का दिव्य आयाम माना गया है।
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