विस्तृत उत्तर
जप माला उपयोग की विधि मंत्र महोदधि और शिव पुराण में विस्तार से वर्णित है:
माला पकड़ने की विधि
- 1हाथ: दाहिना हाथ
- 2अंगुलियाँ: मध्यमा (बीच की उंगली) और अनामिका (रिंग फिंगर) से माला पकड़ें
- 3तर्जनी वर्जित: तर्जनी (index finger) से माला न छुएं — यह अहंकार की उंगली है
- 4अंगूठे से: अंगूठे से प्रत्येक मनका घुमाएं
जप विधि
- 1सुमेरु (बड़े मनके) से जप शुरू करें
- 2प्रत्येक मनका घुमाते समय एक मंत्र
- 3जब सुमेरु वापस आए — माला पलटें, सुमेरु कभी न लांघें
- 4एक माला = 108 जप
गोमुखी
जप करते समय माला को गोमुखी (कपड़े के थैले) में रखें — माला दिखे नहीं। मंत्र महोदधि: गोमुखी में जप की शक्ति संरक्षित रहती है।
माला के नियम
- ▸माला को भूमि पर न रखें
- ▸माला दूसरे को न दें (सिद्ध माला)
- ▸जप के बाद माला को माथे से लगाएं
- ▸माला स्वच्छ और सुरक्षित रखें
शिव पुराण
रुद्राक्षमालया जप्तं सहस्रगुणितं भवेत्।' — रुद्राक्ष माला से जप हजार गुणा फल देता है।





