विस्तृत उत्तर
कलश में निम्नलिखित वस्तुएं डाली जाती हैं:
— शुद्ध जल एवं गंगाजल
— साबुत सुपारी (Betel nuts)
— सिक्के (स्वर्ण, रजत या सामान्य मुद्रा)
— दूर्वा घास
— अक्षत (बिना टूटे पवित्र चावल)
— इत्र (सुगंध)
— सर्वौषधि (हल्दी की गांठ आदि)
इसके अतिरिक्त जल भरने के पश्चात् कलश के जल में गंध (सुगंधित इत्र), दूर्वा घास, अक्षत, साबुत सुपारी, स्वर्ण मुद्रा या सिक्के और सर्वौषधि (हल्दी आदि) डाली जाती हैं।

