विस्तृत उत्तर
कर्पूर और लोबान — दोनों ही पूजा में उपयोगी हैं परंतु उनके कार्य और विशेषताएँ अलग-अलग हैं।
कर्पूर (Camphor): कर्पूर जलाकर घर के कोनों में घुमाना वायु-शुद्धि का सर्वश्रेष्ठ उपाय माना जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से कर्पूर में शक्तिशाली एंटीमाइक्रोबियल गुण हैं — यह वायु में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं, विषाणुओं और कवकों को नष्ट करता है। इसका धुआँ शून्य अवशेष छोड़ता है — 'पूर्ण समर्पण' का प्रतीक है। आरती में कर्पूर जलाने से देवता का तेज सम्पूर्ण वातावरण में व्याप्त होता है।
लोबान (Frankincense): लोबान की धूनी की विशेषता भूत-प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों के निवारण में अधिक मानी जाती है। यह मन को गहरी शांति और ध्यान की अवस्था में ले जाता है। लोबान के धुएँ की सुगंध भावनात्मक उपचार में विशेष उपयोगी है।
तुलना: वायु की रासायनिक शुद्धि में कर्पूर अधिक प्रभावी है। नकारात्मक ऊर्जा और भूत-बाधा के निवारण में लोबान की मान्यता अधिक है। सर्वोत्तम — दोनों का संयुक्त उपयोग। पहले लोबान की धूनी दें, फिर कर्पूर जलाकर घर में घुमाएँ।
