श्रीमद्भागवतभागवत कथा में निंदा से क्यों बचना चाहिए?कथा सुनने वाले को वेद, वैष्णव, ब्राह्मण, गुरु, गौसेवक, स्त्री, राजा और महापुरुषों की निंदा से बचना चाहिए।#निंदा#भागवत कथा#वाणी संयम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में जमीन पर सोना क्यों बताया गया?नियम से कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन का विधान श्रोता के व्रत और विनय का भाग है।#भूमि शयन#भागवत सप्ताह#नियम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में ब्रह्मचर्य क्यों जरूरी है?नियमपूर्वक कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन को श्रवण-व्रत का अंग बताया गया है।#ब्रह्मचर्य#भागवत सप्ताह#नियम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में किन चीजों से परहेज करें?दाल, मधु, तेल, भारी अन्न, दूषित पदार्थ, बासी अन्न, काम-क्रोध-लोभ और निंदा से बचना बताया गया है।#परहेज#भागवत सप्ताह#आहार
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में कौन सा संकल्प लें?वक्ता के सामने कल्याण के लिये सात दिन तक यथाशक्ति नियम धारण करने और शुद्ध चित्त से कथा में मन लगाने का संकल्प लें।#संकल्प#भागवत सप्ताह#नियम
श्रीमद्भागवतपुत्र पाने वाले फल के नियम क्या थे?संन्यासी ने कहा कि फल खाने वाली स्त्री एक वर्ष तक सत्य, शौच, दया, दान और एक समय भोजन का नियम रखे।#फल#पुत्र प्राप्ति#सत्य