📖
विस्तृत उत्तर
श्राद्ध कर्म दिन के आठवें मुहूर्त यानी मध्याह्न के समय करना चाहिए, जिसे कुतप वेला कहा जाता है। यह समय लगभग दोपहर 12:30 से 1:00 बजे के मध्य माना गया है। पितृकर्म के लिए यह विशेष काल शास्त्रसम्मत है। सूर्य की अस्त होती रश्मियों से पितर अपने लोक वापस लौटते हैं, इसलिए श्राद्ध को उचित काल में करना आवश्यक माना गया है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





