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विस्तृत उत्तर
महातल लोक का प्रकाश सुखद, शीतल, निर्मल और आनंददायक होता है। यह प्रकाश नागों के फनों पर स्थित दिव्य नागमणियों से उत्पन्न होता है। विष्णु पुराण के अनुसार यह प्रकाश सूर्य की भांति संताप या गर्मी उत्पन्न नहीं करता और न ही चंद्रमा की भांति कष्टकारी शीतलता देता है। यह एक समशीतोष्ण और आनंददायक प्रकाश है, जो महातल के निवासियों को असीम सुख प्रदान करता है।
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