विस्तृत उत्तर
महातल पृथ्वी के नीचे स्थित सात अधोलोकों में पांचवां लोक है। यह नीचे से तीसरा और पृथ्वी से नीचे की ओर जाने पर पांचवां लोक माना गया है। महातल एक अत्यंत रहस्यमय, भौतिक रूप से अत्यधिक समृद्ध और शक्तिशाली नागों का निवास स्थान है, जो अपनी अद्वितीय संरचना और ब्रह्मांडीय भूमिका के लिए शास्त्रों में विख्यात है। पुराणों में महातल सहित सभी सात पातालों को नरक से भिन्न बताया गया है। ये बिल-स्वर्ग हैं, जहाँ के निवासियों को स्वर्ग के देवताओं से भी अधिक भौतिक सुख, संपदा, विलासिता और ऐश्वर्य उपलब्ध है। महातल की यह विशेषता इसे ब्रह्मांड के सबसे अद्भुत लोकों में से एक बनाती है, जहाँ भौतिक सुखों की चरम सीमा है, किंतु आध्यात्मिक मुक्ति या ईश्वरीय प्रेम का नितांत अभाव है।
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