विस्तृत उत्तर
शास्त्रीय उत्तर: गरुड़ पुराण में महिलाओं को श्मशान जाने से वंचित नहीं किया गया।
Aaj Tak + TV9 verified (गरुड़ पुराण प्रेतखंड 8)
*'शास्त्रों में कहीं भी महिलाओं को अंतिम संस्कार से वंचित नहीं किया गया है। यह जो मान्यता बन गई कि महिलाएं श्मशान नहीं जा सकतीं — यह धार्मिक नियम नहीं बल्कि सामाजिक परंपरा है।'*
सामाजिक परंपरा के कारण
- 1भावनात्मक: महिलाओं को भावनात्मक कष्ट से बचाने के लिए (पुराने समय)।
- 2गर्भवती महिला: गर्भवती को श्मशान नहीं ले जाना = शिशु की रक्षा।
- 3ऊर्जा: श्मशान = नकारात्मक ऊर्जा — महिलाओं की ऊर्जा संवेदनशील (मान्यता)।
आधुनिक दृष्टि
- ▸अनेक महिलाएँ आज अंतिम संस्कार में जाती हैं और मुखाग्नि भी देती हैं।
- ▸कानूनी: कोई कानून महिलाओं को श्मशान जाने से नहीं रोकता।
- ▸धार्मिक: गरुड़ पुराण = अनुमति है (पुरुष न हो तो)।
संतुलित उत्तर: जाना या न जाना = व्यक्तिगत निर्णय। न जाना = गलत नहीं, जाना = पाप नहीं। भावनात्मक तैयारी हो तो जा सकती हैं।





