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पूजा विधि📜 धर्मशास्त्र, पूजा विधि परंपरा2 मिनट पठन

पूजा घर में नंदा दीप कैसे जलाएं?

संक्षिप्त उत्तर

नंदा दीप (अखंड ज्योति) पीतल/तांबे के दीपक में शुद्ध गाय के घी से एक मुखी कपास बत्ती जलाएँ। अग्नि कोण में रखें। बुझने न दें, फूंककर न बुझाएँ। शुभ तिथि पर जलाएँ और नियमित घी डालते रहें।

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विस्तृत उत्तर

नंदा दीप (अखंड दीपक/ज्योति) एक निरंतर जलने वाला दीपक है जो पूजा घर में शुभता, सकारात्मकता और दैवीय कृपा का प्रतीक है।

नंदा दीप जलाने की विधि

  1. 1दीपक — पीतल, तांबे या चाँदी का दीपक उपयोग करें। मिट्टी का दीपक भी शुभ है।
  2. 2बत्ती — शुद्ध कपास की बत्ती बनाएँ। बत्ती एक मुखी (एक शिखा वाली) हो।
  3. 3ईंधन — शुद्ध गाय का घी सर्वोत्तम है। तिल का तेल भी प्रयोग कर सकते हैं।
  4. 4स्थान — पूजा घर में मूर्तियों के सामने, दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) दिशा में रखें।
  5. 5प्रज्वलन — शुभ मुहूर्त या तिथि (पूर्णिमा, एकादशी, नवरात्रि) पर जलाएँ।
  6. 6निरंतरता — अखंड ज्योति बुझनी नहीं चाहिए। नियमित रूप से घी/तेल डालते रहें।

नियम

  • दीपक जलाते समय 'शुभं करोति कल्याणम्...' श्लोक पढ़ें।
  • दीपक कभी फूंककर न बुझाएँ — हाथ से हवा देकर या ढक्कन से बुझाएँ।
  • दीपक के नीचे पीतल/तांबे की थाली रखें।
  • बत्ती और घी का नियमित प्रबंध रखें।

लाभ

  • घर में सदैव सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  • माँ लक्ष्मी का स्थायी वास।
  • नकारात्मक शक्तियों से रक्षा।
  • परिवार में शांति और समृद्धि।
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शास्त्रीय स्रोत
धर्मशास्त्र, पूजा विधि परंपरा
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