विस्तृत उत्तर
नंदा दीप (अखंड दीपक/ज्योति) एक निरंतर जलने वाला दीपक है जो पूजा घर में शुभता, सकारात्मकता और दैवीय कृपा का प्रतीक है।
नंदा दीप जलाने की विधि
- 1दीपक — पीतल, तांबे या चाँदी का दीपक उपयोग करें। मिट्टी का दीपक भी शुभ है।
- 2बत्ती — शुद्ध कपास की बत्ती बनाएँ। बत्ती एक मुखी (एक शिखा वाली) हो।
- 3ईंधन — शुद्ध गाय का घी सर्वोत्तम है। तिल का तेल भी प्रयोग कर सकते हैं।
- 4स्थान — पूजा घर में मूर्तियों के सामने, दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) दिशा में रखें।
- 5प्रज्वलन — शुभ मुहूर्त या तिथि (पूर्णिमा, एकादशी, नवरात्रि) पर जलाएँ।
- 6निरंतरता — अखंड ज्योति बुझनी नहीं चाहिए। नियमित रूप से घी/तेल डालते रहें।
नियम
- ▸दीपक जलाते समय 'शुभं करोति कल्याणम्...' श्लोक पढ़ें।
- ▸दीपक कभी फूंककर न बुझाएँ — हाथ से हवा देकर या ढक्कन से बुझाएँ।
- ▸दीपक के नीचे पीतल/तांबे की थाली रखें।
- ▸बत्ती और घी का नियमित प्रबंध रखें।
लाभ
- ▸घर में सदैव सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
- ▸माँ लक्ष्मी का स्थायी वास।
- ▸नकारात्मक शक्तियों से रक्षा।
- ▸परिवार में शांति और समृद्धि।





