विस्तृत उत्तर
पापी आत्मा के लिए वैतरणी नदी अत्यंत कष्टकारी होती है। जब पापी आत्मा इस नदी के पास पहुँचती है, तो नदी का रक्त खौलने लगता है। जिन्होंने जीवन में सत्ता का दुरुपयोग किया, धर्म का नाश किया, झूठी गवाही दी और विशेष रूप से जिन्होंने गौदान नहीं किया, वे इस नदी में डूबते और उतराते हैं। यमदूत उन्हें भालों और त्रिशूलों से छेदकर नदी में धकेल देते हैं। इसके विपरीत, जिसने मृत्यु से पूर्व काले या लाल रंग की गाय का सविधि दान किया हो, वह उसी गाय की पूंछ पकड़कर इस भयानक नदी को बिना कष्ट पार कर लेता है।
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