विस्तृत उत्तर
पाताल लोक हिन्दू ब्रह्माण्ड विज्ञान के अनुसार पृथ्वी तल के नीचे स्थित अधोलोक संरचना से जुड़ा अत्यंत विशाल और रहस्यमयी क्षेत्र है। शास्त्रों में पाताल शब्द का उपयोग दो अर्थों में किया जाता है; पहला, सम्पूर्ण अधोलोक संरचना को सामूहिक रूप से दर्शाने के लिए, और दूसरा, इन सात अधोलोकों में सबसे निचले और अंतिम लोक, नागलोक, को विशेष रूप से इंगित करने के लिए। पृथ्वी के नीचे सात अधोलोक स्थित हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से पाताल या बिल-स्वर्ग कहा जाता है। इन सात लोकों के नाम अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल हैं। पाताल लोक नरक नहीं है। नरक पाताल से भी नीचे, गर्भोदक सागर के ठीक ऊपर और दक्षिण दिशा में पितृलोक के समीप स्थित है, जहाँ पापी जीव दंड भोगते हैं। इसके विपरीत, पाताल लोक भौतिक ऐश्वर्य, विलासिता और सुख-सुविधाओं का चरम शिखर है, जहाँ रहने वाले जीव स्वर्ग से भी अधिक सुख भोगते हैं।
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