विस्तृत उत्तर
पाताल लोक के निवासियों का स्वास्थ्य और ऊर्जा का स्तर पृथ्वी के मनुष्यों की कल्पना से परे है। इन लोकों में अनेक प्रकार की दिव्य औषधियां, जड़ी-बूटियां और रस पाए जाते हैं। यहाँ के निवासी जब इन दिव्य रसों का पान करते हैं और औषधियों के जल से स्नान करते हैं, तो उनके शरीर से बुढ़ापा, रोग, झुर्रियां, सफेद बाल, पसीना, दुर्गंध और थकान सदा के लिए दूर हो जाते हैं। इन लोकों में दानवराज मयासुर ने अपनी अद्भुत मायावी वास्तुकला से रत्नों, सोने और स्फटिक के महलों, मंदिरों, प्रांगणों और अतिथि-गृहों का निर्माण किया है।
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