विस्तृत उत्तर
गोमती चक्र गोमती नदी (उत्तर प्रदेश) में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला एक विशेष शैल (शंख) है, जिसे श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र का सूक्ष्म स्वरूप और देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है।
पूजा घर में रखने की विधि
- 1संख्या: 11 गोमती चक्र लाल रेशमी कपड़े पर पूजा स्थल में रखें।
- 2तिलक: हल्दी या चंदन से प्रत्येक गोमती चक्र पर तिलक करें।
- 3स्थान: पूजा घर में मूर्तियों के पास या देवी लक्ष्मी के समीप रखें।
- 4मंत्र जप: 'ॐ श्रीं नमः' या 'श्री महालक्ष्म्यै श्रीयें नमः' मंत्र का जप करें।
- 5पूजा का दिन: शुक्ल पक्ष का प्रथम सोमवार या शुक्रवार विशेष शुभ है।
गोमती चक्र रखने के प्रमुख उपाय
- ▸धन स्थान पर: 11 गोमती चक्र लाल कपड़े में बाँधकर तिजोरी/अलमारी में रखें — धन वृद्धि होती है।
- ▸चाँदी की डिब्बी में: 7 गोमती चक्र सिंदूर और अक्षत (चावल) के साथ चाँदी की डिब्बी में रखने से धन की कमी नहीं होती।
- ▸वास्तु दोष निवारण: 4 गोमती चक्र घर के चारों कोनों में रखें/गाड़ें।
- ▸दक्षिणावर्ती शंख में: 8 कौड़ी, 8 गोमती चक्र, 8 लाल गुंजा दक्षिणावर्ती शंख में डालकर पूजा स्थल पर रखें — आमदनी में वृद्धि होती है।
विशेष ध्यान: गोमती चक्र को स्वयं सिद्ध माना जाता है। दीपावली और अक्षय तृतीया पर इनकी विशेष पूजा करने की परंपरा है।
ध्यान दें: शास्त्रीय श्लोक के अनुसार घर में दो गोमती चक्र (अर्थात् केवल 2 की संख्या) रखने से बचें — 11 की संख्या उत्तम मानी जाती है।





