ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा घर वास्तु📜 वास्तु शास्त्र, विष्णु पुराण परंपरा2 मिनट पठन

पूजा घर में शंख कहाँ रखना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

शंख को पूजा घर में उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में मूर्तियों के सामने लाल/सफेद कपड़े पर रखें। एक स्थान पर दो शंख न रखें। पूजा और बजाने वाला शंख अलग-अलग होना चाहिए।

📖

विस्तृत उत्तर

विष्णु पुराण और वास्तु शास्त्र के अनुसार शंख समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से एक है और इसे पूजा घर में रखना अत्यंत शुभ माना जाता है।

शंख रखने का स्थान

  • शंख को पूजा कक्ष में मूर्तियों के सामने, नुकीले सिरे को अपनी ओर रखकर स्थापित करें।
  • पूजा कक्ष के उत्तर, पूर्व या ईशान कोण में रखना उत्तम है।
  • शंख को लाल या सफेद पवित्र कपड़े पर रखें।
  • चाँदी के आसन पर रखना विशेष शुभ माना जाता है।

महत्वपूर्ण नियम

  1. 1एक स्थान पर दो शंख नहीं — पूजा स्थल पर एक समय में एक ही शंख रखना शुभ है।
  2. 2पूजा वाला शंख और बजाने वाला शंख अलग रखें — फूंकने वाले शंख से जल अर्पण या पूजा नहीं करनी चाहिए।
  3. 3नियमित शुद्धिकरण — शंख को गंगाजल से समय-समय पर शुद्ध करें।
  4. 4शंख पर स्वस्तिक बनाकर चंदन, फूल और दीप से पूजा करें।
  5. 5स्थापना का शुभ दिन — शिवरात्रि या नवरात्रि पर शंख स्थापित करना विशेष शुभ है।

शंख में जल रखने का विधान: दक्षिणावर्ती शंख में रात्रि को जल भरकर रखें, प्रातःकाल उस जल को घर में छिड़कें — इससे वास्तु दोष दूर होते हैं।

📜
शास्त्रीय स्रोत
वास्तु शास्त्र, विष्णु पुराण परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

शंखशंख स्थापनापूजा घरवास्तु

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

पूजा घर में शंख कहाँ रखना चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा घर वास्तु से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर वास्तु शास्त्र, विष्णु पुराण परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।