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पूजा विधि📜 धर्म सिंधु — पूजा समाप्ति विधि, आगम शास्त्र2 मिनट पठन

पूजा के बाद मंदिर कैसे साफ करें?

संक्षिप्त उत्तर

मंदिर सफाई: बासी फूल हटाएं, फूल बगीचे/नदी में रखें — कूड़े में नहीं। प्रसाद वितरित करें। दीपक साफ करें। मूर्ति नम कपड़े से पोंछें। सप्ताह में एक बार गंगाजल से चौकी पोंछें। मंदिर — देवता का घर — सदा स्वच्छ रखें।

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विस्तृत उत्तर

पूजा के बाद मंदिर की सफाई का नियम धर्म सिंधु और आगम शास्त्र में वर्णित है:

पूजा के बाद मंदिर सफाई की विधि

1बासी फूल हटाना

पूजा के अगले दिन रात का अर्पित फूल हटाएं। बासी फूल मंदिर में न रहें।

2दीपक का स्नेह (तेल) साफ करें

दीपक और दीपक के नीचे गिरे तेल को साफ कपड़े से पोंछें।

3अर्पण का निस्तारण

  • फूल: बगीचे में रखें, नदी में प्रवाहित करें या तुलसी के पास
  • प्रसाद: वितरित करें या स्वयं ग्रहण करें — कूड़ेदान में नहीं
  • बेलपत्र/तुलसी: तुलसी के पौधे के पास या बगीचे में

4पूजा पात्र

  • पंचामृत के पात्र को धोकर रखें
  • आचमन पात्र स्वच्छ रखें
  • घंटी, शंख को साफ स्थान पर रखें

5मूर्ति की देखभाल

  • मूर्ति को नम कपड़े से साफ करें
  • चंदन-कुमकुम के पुराने दाग धीरे से साफ करें

6पूजा की चौकी

  • नित्य सफाई
  • सप्ताह में एक बार गंगाजल से पोंछें

नियम

पूजा का स्थान सदा स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखें — देवता का घर है।

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शास्त्रीय स्रोत
धर्म सिंधु — पूजा समाप्ति विधि, आगम शास्त्र
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