विस्तृत उत्तर
पूजा के बाद मंदिर की सफाई का नियम धर्म सिंधु और आगम शास्त्र में वर्णित है:
पूजा के बाद मंदिर सफाई की विधि
1बासी फूल हटाना
पूजा के अगले दिन रात का अर्पित फूल हटाएं। बासी फूल मंदिर में न रहें।
2दीपक का स्नेह (तेल) साफ करें
दीपक और दीपक के नीचे गिरे तेल को साफ कपड़े से पोंछें।
3अर्पण का निस्तारण
- ▸फूल: बगीचे में रखें, नदी में प्रवाहित करें या तुलसी के पास
- ▸प्रसाद: वितरित करें या स्वयं ग्रहण करें — कूड़ेदान में नहीं
- ▸बेलपत्र/तुलसी: तुलसी के पौधे के पास या बगीचे में
4पूजा पात्र
- ▸पंचामृत के पात्र को धोकर रखें
- ▸आचमन पात्र स्वच्छ रखें
- ▸घंटी, शंख को साफ स्थान पर रखें
5मूर्ति की देखभाल
- ▸मूर्ति को नम कपड़े से साफ करें
- ▸चंदन-कुमकुम के पुराने दाग धीरे से साफ करें
6पूजा की चौकी
- ▸नित्य सफाई
- ▸सप्ताह में एक बार गंगाजल से पोंछें
नियम
पूजा का स्थान सदा स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखें — देवता का घर है।





