विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण और ब्रह्माण्ड पुराण में योजन नामक प्राचीन मापक इकाई के माध्यम से लोकों की दूरियों का विवरण मिलता है। इन शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी से सूर्य एक लाख योजन, सूर्य से ध्रुवलोक अड़तीस लाख योजन, ध्रुवलोक से महर्लोक एक करोड़ योजन, महर्लोक से जनलोक दो करोड़ योजन, जनलोक से तपोलोक आठ करोड़ योजन और तपोलोक से सत्यलोक बारह करोड़ योजन है। इस प्रकार पृथ्वी से सत्यलोक तक की कुल दूरी अत्यंत विशाल है। सूर्य से सत्यलोक की कुल दूरी तेईस करोड़ अड़तीस लाख योजन सिद्ध होती है जो आधुनिक मापदंडों के अनुसार लगभग एक अरब सत्तासी करोड़ चार लाख मील बैठती है।
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