विस्तृत उत्तर
पुष्पोदका पुण्यात्माओं के मार्ग में आने वाली अत्यंत निर्मल और शीतल नदी है। पुण्यात्माओं के लिए वैतरणी का विकराल रूप नहीं होता। जो आत्मा जीवन भर दान-पुण्य और धर्म का पालन करती है, उसके मार्ग में पुष्पोदका नामक नदी बहती है। इस नदी का जल स्वच्छ होता है और इसमें कमल के पुष्प खिले रहते हैं। पुष्पोदका नदी के किनारे एक विशाल और छायादार वटवृक्ष है, जहाँ पुण्यात्मा विश्राम करती है और उसे अपने पुत्रों या परिजनों द्वारा किया गया तर्पण और अन्न प्राप्त होता है, जिससे उसमें नव ऊर्जा का संचार होता है।
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