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विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु के विराट स्वरूप के अंगों के ध्यान में रसातल को विराट पुरुष के दोनों पैरों के गुल्फ और तलवों के मध्य का भाग बताया गया है। चतुर्दश भुवनों को भगवान के दिव्य शरीर का हिस्सा माना गया है। इस क्रम में रसातल तलवों के ऊपरी भाग से संबंधित अधोलोक है। यह देवों के चिरंतन शत्रुओं का आश्रय स्थल है, जहाँ वे अपनी मायावी शक्तियों और असीम भौतिक संपदा के बीच रहते हैं।
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