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विस्तृत उत्तर
आध्यात्मिक दृष्टिकोण से रसातल भौतिक आसक्ति, शक्ति के अहंकार और ईश्वरीय सत्ता के प्रति विद्रोही चेतना का प्रतीक है। यह वह लोक है जहाँ प्राणी ईश्वर के आध्यात्मिक आनंद के स्थान पर नितांत भौतिक भोगों में लिप्त रहते हैं। रसातल के निवासी पूर्णतः भौतिकतावादी हैं, जो असीम संपदा के स्वामी होने पर भी आध्यात्मिक ज्ञान और ईश्वरीय भक्ति से शून्य हैं। उनकी चेतना अपनी शारीरिक शक्ति और भौतिक ऐश्वर्य तक ही सीमित रहती है।
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