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विस्तृत उत्तर
रावण को सुतल लोक में भगवान वामन ने रोका। रावण जब महाराजा बलि को चुनौती देने के लिए सुतल लोक के द्वार पर पहुँचा, तब उसे यह पता नहीं था कि सुतल लोक की रक्षा कोई साधारण दानव योद्धा नहीं, बल्कि साक्षात् परब्रह्म वामन देव कर रहे हैं। जब रावण ने बलपूर्वक प्रवेश करने का प्रयास किया, तो भगवान वामन ने उसे रोक दिया और कहा कि यह अंदर जाने का समय नहीं है। रावण ने उन्हें साधारण बौना द्वारपाल समझकर युद्ध के लिए ललकारा या मार्ग से हटाने की धृष्टता की।
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